Uttarakhand: पति की पैतृक संपत्ति में अब महिलाओं का होगा अधिकार, सीएम रावत ने बताया कहां से आया आईडिया

Trivendra Singh Rawat

Uttarakhand News: महिला सशक्तिकरण को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. इस कदम के बाद अब उत्तराखंड में महिलाएं भी पति की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदार होंगी. इस अध्यादेश को लाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है.

उत्तराखंड के सीएम ने बताया कहा से आया ये आईडिया
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को ट्वीट कर बताया कि उन्हें ये आईडिया कहा से आया. इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी ट्वीट किया है. सीएम रावत ने लिखा, ‘आज जब मैं, प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं तो मुझे बेहद ही खुशी है कि हमारी सरकार ने विश्वेश्वरी देवी जी की मन की इच्छा को पूरा किया और प्रदेश की लाखों महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया. मातृशक्ति का आशीर्वाद सदैव बना रहे ताकि आगे भी हम इसी प्रकार के जनहित निर्णय लेते रहें.’

वहीं, दूसरे ट्वीट में उन्होंने एक वीडियो भी ट्वीट किया है. जिसमें विश्वेश्वरी देवी जी सीएम का धन्यवाद दे रही है. इस ट्वीट के साथ उन्होंने लिखा, ‘वर्ष 2008 में जब मैं, प्रदेश का कृषि मंत्री था तो सीमांत जनपद चमोली में मेरी मुलाकात श्रीमती विश्वेश्वरी देवी जी से हुई. उन्होंने बड़े तार्किक ढंग से यह बात रखी कि पति की संपत्ति में महिलाओं को बराबरी का अधिकार होना चाहिए और उनकी ये बात हमेशा मेरे साथ रही.

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उत्तराखंड की महिलाओं के जीवन पर पड़ेगा बड़ा असर
बता दें, इस अध्यादेश से उन महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिन्हें अपने गुजारे के लिए कृषि पर निर्भर रहना पड़ता है. वहीं, इस अध्यादेश को राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी सरकार का सबसे बड़ा सुधार बताया और कहा कि यह अध्यादेश अन्य राज्यों के लिए भी नजीर बनेगा.

क्या है अध्यादेश में
– अगर कोई महिला तलाक के लिए केस फाइल करती है और किसी और से शादी करती है तो उसे अपने पहले पति के स्वामित्व वाली भूमि का सह-मालिक नहीं माना जाएगा.
– अगर उसका तलाकशुदा पति उसके वित्तीय खर्चों को वहन करने में असमर्थ है तो महिला को सह-मालिक होने की अनुमति होगी.

पिता की संपत्ति में कब
– अगर महिला नि:संतान है या उसका पति 7 साल से ज्यादा समय से लापता है, तब महिला को पिता की संपत्ति में सह खातेदार बनाया जा सकता है.
– अगर महिला के पास पैसे नहीं हैं और पैतृक संपत्ति या खाता खतौनी में उसका नाम है तो उसे आसानी से लोन दिया जा सकेगा.

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