गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, PM मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

उत्तरकाशी: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए है. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही आज विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का भी आगाज हो गया है. शुभ मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर गंगोत्री धाम और 12 बजकर 41 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए हैं.
इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अक्षय तृतीया महापर्व की शुभ बेला पर मंदिर समिति गंगोत्री को 1100 रुपए दान स्वरूप दिए. वहीं, धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई.

रविवार सुबह सात बजे मां गंगा की डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री के लिए रवाना हुई और ठीक साढ़े आठ बजे गंगोत्री धाम पहुंची. जहां तीर्थ पुरोहितों ने रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 12:35 पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए. कपाट खुलने के बाद आगामी छह माह तक श्रद्धालु धामों में मां गंगा व यमुना के दर्शनों के भागी बन सकेंगे.

वहीं दूसरी ओर मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से शनिदेव महाराज की अगुवाई मे 8:05 पर यमुनोत्री धाम को रवाना हुई, जो 11 बजे यमुनोत्री धाम पहुंची. जहां हवन, पूजा के बाद वैदिक मंत्रोचार के साथ 12:41 पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए.

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस एवं देशव्यापी लॉकडाउन के चलते भारत सरकार के दिशानिर्देश के अनुरूप दोनों धामों के कपाट सादगीपूर्ण तरीके से खोल दिए गए. इससे पहले, दोनों धामों में सीएमओ डॉ. डीपी जोशी के नेतृत्व में मेडिकल टीम द्वारा कपाट खुलने के समारोह में शामिल सभी तीर्थ पुरोहितों का मेडिकल परीक्षण किया गया.

कब खुलेंगे केदारनाथ-बदरीनाथ
उच्च गढ़वाल हिमालय के चारधाम के नाम से मशहूर दो अन्य धामों के कपाट भी जल्द खोले जाएंगे. केदारनाथ के कपाट जहां 29 अप्रैल को खुलेंगे. वहीं बदरीनाथ के कपाट 15 मई को खुलेंगे. सर्दियों में भीषण बर्फबारी और ठंड की चपेट में रहने के कारण चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल अप्रैल-मई में फिर खोल दिए जाते हैं.

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