Home Uttarakhand अल्मोड़ा के इस शिक्षक को लोगों ने दिया ‘कंटरमैन’ नाम, जानिए क्यों

अल्मोड़ा के इस शिक्षक को लोगों ने दिया ‘कंटरमैन’ नाम, जानिए क्यों

अल्मोड़ा. जमुना प्रसाद तिवारी अल्मोड़ा के द्वाराहाट के राजकीय इंटर कॉलेज बटुलिया में जीव विज्ञान के शिक्षक हैं. लेकिन यह अपने किसी और नाम से ही यहां पर विख्यात हैं. जमुना प्रसाद तिवारी यहां कंटरमैन के नाम से जाने जाते हैं. उनका यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि तिवारी ने अब तक 500 से अधिक कंटरों के डस्टबिन बनाएं हैं और इन्हें अपने क्षेत्रवासियों को निशुल्क बांटा है.

तिवारी ने न केवल लोगों के बीच में इन डस्टबिनों को बांटा है. बल्कि वह लोगों से यह भी अपील करते हैं कि वह कूड़ा डस्टबिन में ही डालें. उन्होंने अपने क्षेत्र के अलावा आस-पास के गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर भी डस्टबिन लगाएं हैं. वह अपने इस कार्य के जरिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दूर-दूर तक पहुंचाना चाहते हैं.

उनके इस सरहानीय कार्य कार्य की प्रशंसा न केवल जिला स्तर पर बल्कि राज्य स्तर पर की जा रही है. जमुना प्रसाद तिवारी को पर्यावरण संरक्षण के लिए 2016 में राज्यपाल पुरस्कार और 2017 में शैलेश मटियानी अवॉर्ड भी मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें कई बार स्थानीय स्तर भी सम्मानित किया जा चुका है.

सामाजिक कार्यकर्ता संजय मठपाल ने तिवारी के इस कार्य का सरहाना करते हुए कहा कि वह यह कार्य धर्मभाव से करते हैं. स्कूल से आने के बाद वह अपने खाली समय का प्रयोग करके कंटरो को काटकर डस्टबिन बनाते हैं और लोगों में बांटते हैं.

गांव के ही एक व्यक्ति नवीन कांडपाल का कहना है कि तिवारी ने यहां सभी परिवारों को निशुल्क कुड़ादान दिया जिसकी वजह अब लोग खुले में कूड़ा न डालकर डस्टबिन में कूड़ा डालते हैं. वह स्कूल में भी बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की शिक्षा देते हैं. उन्होंने अपने क्षेत्र के साथ- साथ अन्य गांव के लोगों को भी अपने इस अभियान से जोड़ा है.

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