ITBT के जवानों ने 40 किमी पैदल चलकर मनुस्यारी पहुंचाया शव

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुनस्यारी. इंडो-तिब्बतियन बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों एक परिवार के लिए मसीहा साबित हुए. दरअसल, आईटीबीपी के जवानों एक ग्रामीण का शव अपने कंधों पर रखकर लगभग चालीस किलोमीटर पैदल चलकर मनुस्यारी पहुंचे और शव परिजनों के हवाले कर दिया. बता दें कि यह हादसा घोड़ो और खच्चरों को लाते समय पत्थर गिरने के कारण हुआ था.

आईटीबीपी के जावानों ने न केवल शवों को मनुस्यारी तक पहुंचाया, बल्कि खाई में गिरे लोगों का रेस्कयू भी किया. दरअसल, यह हादसा मल्ला जोहर स्थित आईटीबीपी की चौकी के पास पत्थरों के गिरने के कारण हुआ था. जिसके कारण रास्ता बंद हो गया था. ऐसे में परिजन अपने घरवालों के शवों को ले जाने में असमर्थ थे.

इसलिए आईटीबीपी के जवानों ने शवों को अपने कंधे पर रखकर उनके परिजनों के पास तक पहुंचाया. जिंप सदस्य मर्तोलिया ने सरकार से मदद के लिए हेलीकॉप्टर मांगा था और साथ ही आईटीबीपी की 14वीं वाहिनी से भी मदद मांगी थी. बता दें, सेनानी बलजिंदर सिंह ने बुगडियार चौकी के सात जवानों को शवों को मनुस्यारी पहुंचाने का आदेश दिया था. जिसके बाद लगभग दोपहर के समय में सातों जवान अपने कंधे पर शवों को रखकर स्थानीय लोगों के साथ चल दिए.

पत्थर गिरने के कारण बुगडियार से मुनस्यारी का रास्ता पूरी तरह से खराब हो चुका था. लेकिन रास्तों के खराब होने के बावजूद भी आईटीबीपी के जवानों ने रात साढ़े आठ बजे तक शवों को उनके परिजनों तक पहुंचा दिया था. आईटीबीपी के द्वारा किया जाने वाला यह पहला सरहानीय काम नहीं है. बल्कि इससे पहले भी आईटीबीपी एक घायल महिला की डोली को लास्पा से मनुस्यारी तक पहुंचाया था और रविवार को भी आईटीबीपी के जवान लोगो के लिए देवदूत बनकर सामने आएं हैं.

ये भी पढ़ें:- ITBP के जवानों ने बचाई महिला की जान, केजरीवाल ने कही ये बात

VOI News पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूबफेसबुकटेलीग्राम और ट्विटर पर फॉलो करें.