देहरादून: बिटकॉइन अकाउंट का पासवर्ड न बताने पर हुई थी अब्दुल शकुर की हत्या

देहरादून: 486 कोरड़ के बिटकॉइन को लेकर हुई केरल के अब्दुल शकुर की हत्याकांड से बुधवार को देहरादून पुलिस ने पर्दा उठा दिया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहम्मद अरशद ने बताया कि शकुर को मारने का उनका कोई इरादा नहीं था. लेकिन बिटकॉइन अकाउंट का पासवर्ड न बताने की जिद में शकुर की जान चली गई थी. बता दें कि इस हत्याकांड में सात आरोपी पहले ही जेल जा चुके है.

देहरादून के एसएसपी अरुण मोहन जोरी ने बुधवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रेमनगर थाना प्रभारी धर्मेन्द्र रौतेला ने मुखबिर की सूचना के आधार पर शिहाब, मोहम्मद अरशद और मुनीफ निवासी केरल को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से एक लैपटॉप भी बरामद हुआ है. अब्दुल का मोबाइल ये लोग समुंदर में फेंक चुके हैं. एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद हुए लैपटॉप से कई राज खुलने की उम्मीद है.

एसएसपी ने बताया कि केरल निवासी अब्दुल शकूर बीटीसी बिटकॉइन शकूर और बिटजेक्स के नाम से दो कंपनी चलाता था. अब्दुल शकूर की कोर कमेटी में शाहिब, आशिक, अरशद और मुनीफ शामिल थे, जो अपने एजेंटों से कंपनी में पूंजी निवेश कराते थे. कोर कमेटी के इन सदस्यों पर पांच से लेकर आठ करोड़ की देनदारी है. इस तरह एजेंटों की भी काफी रकम फंसी है. दबाव के चलते ये लोग केरल से भागकर यहां आए थे.

कोर कमेटी के सदस्यों को शक था कि अब्दुल शकूर के पास कई करोड़ के बिटकॉइन हैं. पासवर्ड जानने को साथियों ने अब्दुल शकूर के साथ माकपीट करने के साथ शरीर पर सिरगेट से दागकर यातनाएं दी थीं. यातनाओं में शकूर की मौत हो जाने के बाद आरोपी 28 अगस्त को उसका शव मैक्स अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे. पुलिस ने कई दिन की भागदौड़ के बाद तीन लोगों को तो रुड़की से गिरफ्तार किया था. पूछताछ में करोड़ों के बिटकॉइन के चक्कर में अब्दुल शकूर की हत्या किए जाने की बात सामने आई थी. इस मामले में आशिक समेत सात आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

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