उत्तराखंड: घंटों तक गर्भवती महिला को नहीं मिला इलाज, हुई मौत

अल्मोडा. उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ती नजर आ आ रही है. साथ ही सरकारी हॉस्पिटलों के हालात बेहद ख़राब है. यहां डॉक्टरों की कमी के साथ इलाज में लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं. गुरुवार को भी अल्मोड़ा जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां इलाज कराने पहुंची महिला का सही समय पर इलाज ना मिलने की वजह से मौत हो गई.

दरअसल, गुरुवार को अल्मोड़ा से क़रीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कटारमल गांव में गर्भवती महिला की तबीयत खराब होने पर उसे उसके परिजन अल्मोड़ा लेकर आए. यहां स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में उसे सबसे पहले इलाज के लिए लाया गया. महिला को सांस लेने में दिकक्त हो रही थी.

इसी वजह से प्राइवेट हॉस्पिटल ने उसे ज़िला अस्पताल ले जाने को कहा. ज़िला अस्पताल ने उसे कोरोना होने की आशंका के चलते नगर स्थित बेस हॉस्पिटल भेज दिया. बता दें कि बेस हॉस्पिटल को सरकार ने अपना कोविंड सेंटर भी बनाया है. यहां डॉक्टरों ने महिला का कोरोना टेस्ट करवाया जो नेगेटिव निकला.

डॉक्टरों ने उसे टाइफाइड होने की बात कहकर वापस ज़िला हॉस्पिटल इलाज के लिए भेज दिया. ज़िला अस्पताल ले जाने के बाद महिला की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि महिला के परिजन पूरे दिन एक निजी समेत जिले के तीन हॉस्पिटलों में चक्कर काटते रहे.

वो पांच महीने से गर्भवती थी. महिला का नाम आशा देवी था और उसकी उम्र 24 बताई जा रही है. कोरोना को देखते समय दोनों सरकारी हॉस्पिटल में कोरोना के रेपिड टेस्ट की व्यवस्था है. ऐसे में ज़िला अस्पताल सवालों के घेरे में आ गया है और उस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं.

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