UP: योगी सरकार ने 61.94 लाख घरों को दिए नि:शुल्क बिजली कनेक्शन

Yogi Adityanath

लखनऊ, 16 जुलाई: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विद्युत व्यवस्था में काफी सुधार किए है। उन्होंने बीते सवा चार साल में 1.40 करोड़ बिजली कनेक्शन दिए हैं। इतना ही नहीं, 1.30 लाख मजरों के हर घर को बिजली का कनेक्शन दिया है। 61.94 लाख घरों को निःशुल्क कनेक्शन दिया गया है। 47,337 लोगों को सोलर पावर पैक भी दिए हैं।

आज गांवों को पिछली सरकारों की तुलना में 54% ज्यादा बिजली मिल रही है। जिला मुख्यालय पर 24 घंटे तहसील मुख्यालय पर 21:30 घंटे व गांवों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित है तथा विद्युत आपूर्ति की जा रही है। सूर्यास्त के बाद ग्रामीण क्षेत्र कटौती मुक्त हैं। अलग हुए कृषि फीडरों पर सुबह 7 से शाम को 5 बजे तक निर्बाध 10 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश को निर्बाध व ट्रिपिंग फ्री विद्युत आपूर्ति के लिए 662 नए 33/11 उपकेंद्र बनाये हैं। 1234 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई है। अब तक कुल 11983 सर्किट किमी वितरण लाइनों का निर्माण किया गया है। अप्रैल 2017 से अबतक कुल 8.30 लाख शिकायतें ट्रांसफार्मरों के खराब होने की मिली हैं। इनमें कुल 99.94% ट्रांसफार्मर ते समय में ठीक/बदले जा चुके हैं। इस अवधि में 1912 टॉल फ्री नंबर पर आई कुल 14.19 लाख शिकायतों में 14.13 लाख यानि कुल 99.59% शिकायतों का समाधान ते समय पर हुआ है।

पारेषण/ उत्पादन :-

गत वर्ष की 23,867 MW की पीक मांग के सापेक्ष मौजूदा वित्तीय वर्ष में 24926 MW तक मांग की आपूर्ति की गई। पूर्व की सरकार में यह महज 16500 MW थी।

प्रदेश की ट्रांसमिशन क्षमता वर्ष 2016-17 के 16,348 MW से 9000 MW बढ़कर अब 25,000 MW हो चुकी है। वर्ष 2025 तक प्रदेश में यह क्षमता 32,400 MW होगी।

आयात क्षमता भी वर्ष 2016-17 के 7800 MW के मुकाबले 6800 MW बढ़कर अब 14,600 MW हो गई है।

सरकार ने 12,111.75 करोड़ रूपये की लागत से 765 केवी के 12, 400 केवीए के 34, 220 केवी के 72 व 132 केवी के 119 पारेषण उपकेंद्रों का निर्माण करवा चुकी है। जिसकी वजह से आज बिजली की आपूर्ति का तंत्र बहुत बेहतर हो चुका है।

सरकार बनने से अबतक 45 हजार 85 सर्किट किमी पारेषण लाइन भी बनाई गई है। आज प्रदेश में सभी विधाओं की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 26,937 मेगावाट है जो कि 3 वर्ष पूर्व की क्षमता से लगभग 4000 मेगावाट अधिक है।

2024 तक इसमें 8262 MW की वृद्धि होगी। वर्ष 2022 तक ऊर्जा विभाग के राज्य तापीय विद्युतगृहों का उत्पादन 7,260 MW बढ़कर 12734 मेगावॉट हो जाएगा और 34,500 MW बिजली की उपलब्धता रहेगी।

भाजपा सरकार ने दी सस्ती बिजली
सपा सरकार ने 5.14 रू- 11.09 रू की दर से दीर्घकालिक पीपीए किए और जनता पर मंहगी बिजली थोपी। वहीं हमारी सरकार ने सस्ती बिजली के अभियान के तहत 2.98 रू- 4.19 रू की दर से पीपीए किए। लाइन हानियाँ कम करके हम सस्ती बिजली की उपलब्धता के अन्य विकल्पों पर काम कर रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के औद्योगिक (एल०एम०वी०-6ए एच०वी०-2) एवं वाणिज्यिक (एल०एम०वी०-2ए एच०वी०-11ए एचoवीo-12) श्रेणियों उपभोक्ताओं को जिन्होंने जुलाई 2020 तक बिल का भुगतान किया था का एक माह के फिक्स/डिमांड चार्जेज के रूप में कुल 342.68 करोड़ रूपये की मदद की गई।

LMV-2 (वाणिज्यक), LMV-4b (निजी संस्थान) एवं LMV-6 (औद्योगिक) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए ‘कोविड-19 एकमुश्त समाधान योजना’ लायी गयी। पंजीकरण की अंतिम तिथि तक 1,93,001 बकाएदार उपभोक्ताओं द्वारा पंजीकरण कराया गया। इसके तहत उपभोक्ताओं का 30 नवंबर 2020 तक का सरचार्ज माफ किया गया है।घरेलू व कृषक उपभोक्ताओं के लिए भी वर्तमान में ‘कोविड-19 एकमुश्त समाधान योजना’ संचालित की जा रही है। जिसमें 15 मार्च 2021 तक पंजीकरण कराने व तय समय में बिलों का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं का 31 जनवरी 2021 तक का सरचार्ज माफ किया जाएगा।

झटपट कनेक्शन योजना अब तक 7,09,423 कनेक्शन दिये जा चुके हैं। वहीं निवेश मित्र पोर्टल से अब तक 28,963 बिजली कनेक्शन दिये गए हैं। ऊर्जा की बचत हेतु उजाला योजना के अंर्गत अद्यतन 2,62,52,683 LED बल्ब वितरित किये जा चुके हैं। इससे 683 MW पीक डिमाण्ड में कमी आई है।