UP पंचायत चुनाव लड़ेगी Aam Aadmi Party, जारी की 500 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट

Sanjay Singh

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार (31 मार्च) को आप प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदेश की तीन हजार सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

इतना ही नहीं, यूपी प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को पंचायत चुनाव के लिए 500 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एक सूची जारी की गई थी, लेकिन आरक्षण के नियम बनने के बाद सूची में परिवर्तन किया गया है.

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि इस चुनाव के जरिए हम दिल्ली के विकास के मॉडल, शिक्षा के मॉडल, दिल्ली के फ्री बिजली, महिलाओं के लिए बस की फ्री यात्रा, बुजुर्गों की पेंशन दोगुना, विधवाओं की पेंशन दोगुना, दिव्यांगों की पेंशन दोगुना, इस मॉडल को हम जनता तक पहुंचाएंगे.

संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में पांच फ्लाईओवर के निर्माण में हमने 300 करोड़ रुपए बचाए हैं, दिल्ली का बजट हमने 5 वर्षों में दोगुना कर दिया है। हम उत्तर प्रदेश के ग्रामीण जनता को यह बताने का और समझाने का प्रयास करेंगे कि दिल्ली में जो-जो काम हुए उत्तर प्रदेश में भी संभव है.

इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला पंचायत की योजना में जो कार्य आते हैं उसे ईमानदारी पूर्वक जमीन पर कैसे उतारे यह हमारी प्राथमिकता में शामिल होगा, 2022 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश में दिल्ली के केजरीवाल मॉडल की चर्चा करेंगे.

जारी की गई सूची में करीब 45 वकील, 35 पूर्व जिला पंचायत सदस्य या उसके प्रत्याशी रहे हैं. सूची में 15 सामाजिक कार्यकर्ता, 15 बीडीसी सदस्य, 12 घरेलू महिलाएं, 7 ग्राम प्रधान, जिला पंचायत के वर्तमान में 7 सदस्य, 4 छात्रनेता, फौज से रिटायर हुए 3 जवान, लोकसभा सदस्य का चुनाव लड़ चुके 3 लोग, 3 शिक्षक, 3 निगम पार्षद जिनका संबंध ग्रामीण अंचल से है.

कॉलेज के प्रधानाचार्य, एक डॉक्टर और ऐसे ही तमाम लोगों को समर्थन देकर प्रत्याशी घोषित किया है. उन्होंने कहा कि पार्टी समर्थित जीते हुए प्रत्याशियों को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देकर लड़ने का मौका दे सकती है.

संजय सिंह ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मात्र पांच दिन प्रचार के लिए मिल रहे हैं. 11 तारीख को सिंबल दिया जाएगा, इसके अगले दिन प्रत्याशी बैनर, पोस्टर छपवाएगा और फिर सिर्फ पांच दिन प्रचार होगा. ऐसे में घर-घर जाकर जनसंपर्क कैसे हो पाएगा? निर्वाचन आयोग इस पर पुनर्विचार करे.

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