ध्यान भटकाने के लिए BJP ने छेड़ी मंत्रिमंडल के पुनर्गठन की चर्चा: Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav

लखनऊ, मई 28: यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने मंत्रिमंडल के पुनर्गठन को लेकर तंज कसा है. Akhilesh Yadav ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से जनता त्रस्त है.

भाजपा सरकार की हर मोर्चे पर विफलता से लोगों में भारी आक्रोश है. जनता के बीच गिरती साख से भाजपा और संघ के माथे पर चिंता की रेखाएं स्पष्ट दिखने लगी है. ऐसे में कोरोना-फंगस और मंहगाई के संकट से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अब राज्य मंत्रिमंडल के पुनर्गठन की चर्चा छेड़ दी है.

हालांकि भाजपा की यह राजनीतिक कसरत से भी उसके पक्ष में कोई परिणाम नहीं मिलने वाला है. कैसी विडम्बना है कि जब प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हाहाकार मचा हुआ है, खुद राजधानी में दवा-इंजेक्शन की मारामारी है, गरीब भूख से तड़प रहे हैं तब भाजपा के मंत्री समाजवादी पार्टी, जो सहायता कार्य में समर्पण भाव से लगी है, के विरुद्ध कुप्रचार करने में लगे है.

अच्छा होता भाजपा लगे हाथ एक अलग मंत्रालय गाली गलौच का बनाकर मंत्री को जिम्मेदारी दे दी जाती. वैसे लोकतंत्र में विपक्ष के प्रति दुर्भावना अवांछनीय है. क्या यही भाजपा के संस्कार हैं? निर्विवाद रूप से प्रदेश में कोरोना से उपजी त्रासदी की जिम्मेदार भाजपा सरकार है.

बीते चार वर्षो के भाजपा शासनकाल में सूबे के विभिन्न जिलों में समाजवादी सरकार में निर्मित अस्पताल और ट्रामा सेंटर को शुरू करने में मुख्यमंत्री ने कोई रुचि नहीं दिखाई.प्रदेश के सीएम ने जहां भी दौरा किया वह सभी अस्पताल समाजवादी सरकार में बने थे.

Akhilesh Yadav ने कहा कि मुख्यमंत्री जी कहीं ऐसे अस्पताल का भी दौरा कर लेते जो विगत चार वर्ष में भाजपा सरकार ने बनाया हो. पिछले कोरोना काल के कटु अनुभव से यूपी सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा है. समाजवादी पार्टी सबको समयबद्ध सीमा में वैक्सीन लगाने का सुझाव देती है तो भाजपा के मंत्रीगण इधर-उधर की बातें क्यों करने लगते हैं?

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