बुलंदशहर के रहने वाले थे कर्नल आशुतोष, CM योगी ने किया यह ऐलान

बुलंदशहर. हंदवाड़ा में सेना और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में भारत ने अपने पांच बहादुर जवानों को खो दिया. हालांकि, उन्होंने दो आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया. एनकाउंटर में शहीद हुए जवानों में कर्नल आशुतोष शर्मा का नाम भी शामिल है. कर्नल आशुतोष उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के परवाना गांव के रहने वाले थे. उन्हें वीरता के लिए दो बार सेना मेडल भी मिल चुका है.

कर्नल आशुतोष बुलंदशहर के मूल निवासी थे
कर्नल आशुतोष शर्मा बुलंदशहर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के गांव परवाना के मूल निवासी थे. आशुतोष शर्मा वर्तमान में परिवार के साथ जयपुर में रहते थे. हालांकि उनका काफी समय बुलंदशहर में ही बीता और यहां डीएवी कॉलेज में उन्होंने पढ़ाई पूरी की थी. गांव के साथ उनका एक मकान बुलंदशहर के राधा नगर इलाके में भी था, जिसे बेचकर करीब 20 साल पहले वह प्रयागराज चले गए थे.

8 साले पहले जयपुर हुए थे शिफ्ट
प्रयागराज से 8 साल पहले अपने बड़े भाई की नौकरी के चलते मां, भाई-भाभी व पत्नी-बच्चों सहित जयपुर शिफ्ट हो गए थे. बुलंदशहर के गांव परवाना में चाचा का परिवार रहता है. बचपन से ही उनका सेना में जाने का सपना था. फौजियों की कहानियां बड़े बुजुर्गों से सुनते रहते थे. शहादत की खबर मिलते ही उनके रिश्तेदार जयपुर रवाना हो गए हैं.

फौजियों की कहानियां बड़े बूढ़ों से खूब सुनते थे आशुतोष
कर्नल आशुतोष शर्मा के शहादत की खबर उनके पैतृक गांव परवाना पहुंची. इससे पूरा गांव में शोक में डूब गया. फोन पर चचेरे भाई सोनू पाठक ने कहा- भैया आशुतोष बचपन से ही सेना में जाने की सोच रहे थे. हमेशा देशभक्ति फिल्में देखना और गाने सुनना उन्हें पसंद था. फौजियों की कहानियां बड़े बूढ़ों से खूब सुनते.

तीन साल पहले आए थे गांव
बुलंदशहर के डीएवी कॉलेज से उनकी इंटरमीडिएट तक पढ़ाई हुई और वह सीडीएस की तैयारी करते रहे और सेलेक्ट हो गए. हमारे पूरे खानदान में सिर्फ दो फौजी ही हुए हैं. जिसमें एक भैया (आशुतोष) हैं, और एक और रिश्तेदार हैं जो कोस्टगार्ड में डीआईजी के पद पर तैनात हैं. सोनू कहते हैं कि, चाची की मौत होने पर भैया तकरीबन 3 साल पहले गांव आए थे.

10 साल की बेटे है कुहू
सोनू ने बताया कि, भाई की ससुराल जयपुर में ही है. भाभी पल्लवी का आर्मी बैकग्राउंड है. उनकी शादी गायत्री परिवार रीति रिवाज से देहरादून में हुई थी. उनकी दस साल की बेटी कुहू है. बता दें कि, शहादत के बाद सेना ने पल्लवी को उनकी ससुराल भेज दिया है.

दो बार मिल चुका था सेना मेडल
कर्नल आशुतोष शर्मा की वीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, उन्हें दो बार सेना मेडल मिल चुका था. इससे पहले भी उन्हें एक बार और सेना मेडल दिया जा चुका है.

सीएम योगी ने किया यह ऐलान
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हंदवाड़ा मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा के परिवार के लिए 50 लाख रुपए की सहायता राशि का ऐलान किया. इसकी घोषणा करते हुए प्रदेश के गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ लोहा लेते हुए शहीद हुए अधिकारी और जवानों की शहादत पर मुख्यमंत्री ने गहरी संवेदना जताई है.

एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी
अवनीश अवस्थी ने कहा कि शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा के परिवार को यूपी सरकार की तरफ से 50 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. इसके साथ ही कर्नल आशुतोष के परिवार में एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी. कर्नल आशुतोष का पैतृक घर बुलंदशहर में है, लेकिन फिलहाल उनका परिवार राजस्थान की राजधानी जयपुर में है. कर्नल आशुतोष का पार्थिव शरीर सोमवार को जयपुर पहुंचेगा जहां मंगलवार को उनकी अंत्येष्टि की जाएगी.

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