आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से लगा झटका, बेटे अब्दुल्ला का निर्वाचन रद्द

रामपुर: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर से सांसद व समाजवादी पार्टी के कद्दवार नेता आमज खान को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान का निर्वाचन रद्द कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रामपुर की स्वार सीट से चुनाव लड़ा था, जिस वक्त उन्होंने चुनाव लड़ा उस दौरान अब्दुल्ला आजम की उम्र 25 पूरी नहीं थी.

फर्जी दस्तावेज का किया था इस्तेमाल
दरअसल, 2017 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता नवाब काजिम अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा था कि 2017 के चुनाव के समय अब्दुल्ला आजम चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम निर्धारित 25 साल की उम्र के नहीं थे. चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज दाखिल किए थे और झूठा हलफनामा दाखिल किया था. नवाब काजिम अली ने अब्दुल्ला आजम को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य बताते हुए उनका निर्वाचन रद्द किए जाने की मांग की थी.

अब्दुल्ला आजम क्या थी दलील?
अब्दुल्ला आजम की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई थी कि प्राइमरी में दाखिले के समय टीचर ने अंदाज से जन्मतिथि डाली दी थी. एमटेक करने के दौरान उन्होंने 10वीं की जन्मतिथि में बदलाव के लिए आवेदन किया था. पासपोर्ट में दर्ज जन्मतिथि में पहले ही संशोधन करा लिया है. अब्दुल्ला की तरफ से जो डेट ऑफ बर्थ का सर्टिफिकेट लगाया गया वह लखनऊ के क्वींस हॉस्पिटल का था, जबकि काजिम अली के दास्तावेजों में दावा किया गया था कि अब्दुल्ला का जन्म रामपुर में ही हुआ था.

हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
कोर्ट ने इस मामले में 27 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था. कोर्ट ने इस मामले 16 दिसंबर (आज) अपना फैसा सुनाया है. बता दें कि कोर्ट ने चुनाव के दौरान दिए गए उनके हलफनामे में उम्र को गलत पाया. जिसके बाद कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खान का निर्वाचन रद्द कर दिया है.

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