राम मंदिर की तर्ज पर संवारे जाएंगे बाराबंकी से Ayodhya के सभी रेलवे स्‍टेशन

Ayodhya में भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण के साथ-साथ इस शहर को एक बड़े टूरिस्‍ट के रूप में विकसित किया जा रहा है. यही कारण है कि अब तक जो अयोध्‍या केवल रेल लाइन और सड़क मार्ग से जुड़ा था अब यहां तक चार लेन का नेशन हाईवे, हवाई मार्ग, डबल रेलवे लाइन और तो और सी लिंक से जोड़ने की तैयारी है.

रेल मार्ग से जुड़ा एक अहम प्रस्‍ताव यूपी के बजट में सोमवार को रखा गया, जिसके तहत बाराबंकी से अयोध्या तक के स्टेशनों को राम मंदिर की तर्ज पर सजाए और संवारेगा. सबसे पहले हम चर्चा करते हैं रेलवे लाइन की. राजधानी लखनऊ से बाराबंकी तक दो और रेल लाइनें बिछाई जाएंगी. लखनऊ से बाराबंकी रेलवे स्टेशन तक अभी डबल रेल लाइन है.

रेलवे स्टेशन की डिजाइन मंदिर की तरह
वहीं, रेलवे प्रशासन लखनऊ से अयोध्या तक के रेल रूट को विकसित करने का कार्य तेजी से कर रहा है. बाराबंकी से अयोध्या स्टेशन तक रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य होना है. इस बार के रेल बजट में धनराशि आवंटित कर दी गई है. अयोध्या में रेलवे स्टेशन की डिजाइन मंदिर की तरह दिखने वाली बनाई जाएगी. साथ ही अधिक भीड़ को संभालने की बढ़ती क्षमता के अलावा सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी.

ये पुनर्विकास दो चरणों में किया जा रहा है. पहला चरण में प्लेटफ़ॉर्म क्षेत्रों के विकास, वहीं दूसरा नए स्टेशन के निर्माण के साथ शौचालय, डोरमेटरी, टिकटिंग और सर्कुलेटिंग एरिया आदि जैसी सुविधाओं का विकास होगा. इसी के मद्देनजर रेलवे ने अयोध्या स्टेशन के पुनर्विकास का बजट 80 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 104 कर दिया है.

राम मंदिर लुक में संवारे जाएंगे बाराबंकी से अयोध्या तक के स्टेशन
मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार, बाराबंकी से अकबरपुर दो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों अयोध्या और वाराणसी को जोड़ता है. अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है. बाराबंकी और अयोध्या के मध्य पड़ने वाले रेलवे स्टेशनों को राम मंदिर मॉडल की तर्ज पर सजाया और संवारा जाएगा. इससे बाराबंकी और आस-पास के रेलवे स्टेशन मंदिर लुक में दिखेंगे. मंदिर लुक में दिखने से इन स्टेशनों से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा का आभास होगा.

अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
इसके अलावा आज उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा, ‘अयोध्या जिले में निर्माणाधीन हवाई अड्डे का नाम ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा’ होगा. इसके लिए 101 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है.’

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बारे में सितम्‍बर 2020 में लोकसभा में केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अयोध्या में हवाई अड्डे को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि प्राचीन शहर ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है.

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने नवंबर में अयोध्या हवाई अड्डे का नाम बदलकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हवाई अड्डा रखने का प्रस्ताव मंजूरी दे दी. इसके अलावा राज्य सरकार ने हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 525.92 करोड़ रुपये रखे हैं. जिला मजिस्ट्रेट, अयोध्या और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे हवाई अड्डे के निर्माण, विकास और संचालन की उम्मीद है.

अन्‍य परियोजनाएं
वहीं, सड़क से जोड़ने के लिए काशी व अयोध्या तक लगभग 192 किमी लम्बी इस सड़क को फोर लेन बनाने का प्रस्‍ताव है. दरअसल यह परियोजना पर्यटन विभाग की उस पहल का भाग होगी जिसमें काशी, प्रयागराज, श्रृंगेरपुर, चित्रकूट और अयोध्या के बीच आने वाले सभी राजमार्गो को जोड़कर एक लिंक मार्ग के जरिए धार्मिक सर्किट बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. हालांकि इस प्रस्‍ताव को अभी सरकार की हरीझंडी का इंतजार है.

बात अगर सी-प्‍लेन सेवा की करें तो शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के तहत सागरमाला डेवलपमेंट कंपनी (SDCL) ने दिल्ली से अयोध्या तक सी प्लेन सेवाओं के लिए रुचि दिखाई है. इस पर सरकार में मंथन जारी है.

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