योगी सरकार के 5 पांच साल में मिल जाएगी 5 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी

Uttar Pradesh

लखनऊ, 13 अगस्त: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 2,846 नए चयनित प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों के ऑनलाइन ज्वाइनिंग लेटर देने के कार्यक्रम का बटन दबाकर शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा 11 नवचयनित प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों को पदस्थापन/नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। बता दें, इनका चयन उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में भर्ती की निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। 2017 में सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में भर्ती की बाधाओं को समाप्त कर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कराई। अब तक के लगभग साढ़े 4 वर्ष के कार्यकाल में साढ़े 4 लाख युवाओं को विभिन्न राजकीय सेवाओं में नियोजित किया गया है। राज्य सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने पर 5 लाख नौजवानों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी होगी। यही नहीं इससे कई गुना अधिक नौजवानों को निजी क्षेत्र में नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध करा दिया जाएगा।

‘साढ़े 4 साल में डेढ़ लाख शिक्षक भर्ती किए’
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े चार वर्षों के दौरान बेसिक, माध्यमिक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 1.5 लाख पद भरे गये हैं। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए पूरा किया गया। आज राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 2,846 प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों का पदस्थापन मेरिट के आधार पर ऑनलाइन किया जा रहा है।

‘नयी शिक्षा नीति बदल देगी व्यवस्था’
मुख्यमंत्री ने नयी शिक्षा नीति-2020 के लिए कहा कि यह नीति शिक्षा जगत में आमूलचूल परिवर्तन, शिक्षण संस्थानों को सुयोग्य नागरिक देने वाले महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में स्थापित करने तथा शिक्षा को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ नवाचार, नये शोध एवं नये अनुसंधान का माध्यम बनाने के लिए लागू की गयी है. इसमें प्रत्येक विद्यार्थी को अनेक विकल्प उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सामने एक रोल मॉडल बनें. छात्र शिक्षक को जीवन भर याद रखता है। नवचयनित शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचें एवं विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास में योगदान करें। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की कि वे प्रदेश में एक सकारात्मक वातावरण तथा नौजवानों को सही दिशा में आगे ले जाने में अपना योगदान करें।

8 पिछड़े जनपदों पर सबसे ज्यादा रहेगा जोर
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार आदि क्षेत्रों में अन्य जनपदों से पीछे रह गये प्रदेश के 8 जनपदों सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, चन्दौली, सोनभद्र, चित्रकूट व फतेहपुर को आकांक्षात्मक जनपद के रूप में चिन्हित किया गया है। इन जनपदों में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को अतिरिक्त परिश्रम की आवश्यकता है। शिक्षकों द्वारा बच्चों की शिक्षा के साथ ही उनके पोषण एवं स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। शिक्षक का शासन की योजनाओं से परिचित होना भी आवश्यक है, जिससे वह इन योजनाओं से विद्यार्थियों को परिचित कराने के साथ ही आवश्यकतानुसार उन्हें लाभान्वित भी करा सकें।

इस दौरान डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला पहला राज्य है। राज्य में नकलविहीन पद्धति परीक्षा लागू की गई. राज्य में पहली बार एनसीईआरटी के पैटर्न पर पाठ्यक्रम लागू किया गया। 12 दिनों में हाईस्कूल तथा 16 दिनों में इण्टरमीडिएट की परीक्षा सम्पन्न कराकर शीघ्र ही परिणाम भी घोषित किये गये। मार्कशीट, सर्टिफिकेट को ऑनलाइन प्राप्त करने की व्यवस्था बनायी गयी। अंक तालिकाओं पर कोडिंग की व्यवस्था लागू की गयी। आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर शिक्षकों का पदस्थापन/नियुक्ति की जा रही है।

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