झूठा निकला किसान अमरेश का Hop Shoots सब्जी उगाने का दावा, 1 लाख रुपए किलो है कीमत

Hop Shoots

औरंगाबाद: हॉप शूट्स (Hop Shoots) नाम की एक सब्जी कुछ दिनों पहले खासी चर्चाओं में आई थी, जिसकी कीमत एक लाख रुपए किलो बताई गई थी. इस सब्जी को बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले एक किसान अमरेश सिंह ने उगाने का दावा किया था.

उन्होंने दावा किया था कि वो हॉप शूट्स (Hop Shoots) सब्जी की पिछले पांच साल से खेती कर रहे है, जिससे उन्हें छप्परफाड़ कमाई हो रही है. हालांकि, अब उनका ये दावा झूठा साबित हो गया है. अमरेश के इस दावे को उनके बेटे शुभन और कृषि विभाग के अधिकारियों ने ही झूठा साबित कर दिया है.

दरअसल, औरंगाबाद निवासी किसान अमरेश सिंह ने मीडियो को दिए अपने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि साल 2015 से पहले तक वे भी अन्य किसानों की तरह सामान्य खेती करते थे, मगर उसमें मुनाफा नहीं होता था. इसलिए वो सीएसआईआर लखनऊ के वैज्ञानिक डॉ. राम किशोरी लाल से मिले.

कृषि वैज्ञानिक ने उन्हें हॉप शूट्स सब्जी की पैदावार करने की सलाह दी. पहली बार तो अमरेश सिंह भी इस सब्जी का नाम सुनकर चौंक गए, मगर फिर डॉ. लाल ने हिमाचल प्रदेश से इसके पौधे मंगवाकर दिए और हॉप शूट्स की खेती की पूरी जानकारी भी दी.

किसान अमरेश ने दावा किया था कि गांव करमडीह में साढ़े चार लाख रुपए इनवेस्ट करके अपने पांच एकड़ खेत में हॉप शूट्स की खेती शुरू की. शुरुआत में तो अमरेश सिंह को यह खेती रास नहीं आई, मगर छह माह बाद पैदावार हुई और अमेरिका तक से डिमांड आने लगी तो अमरेश का उत्साह और मुनाफा कई गुना बढ़ गया.

अमरेश सिंह ने दावा किया था कि हॉप शूट्स का इस्तेमाल मुख्यतय बीयर और एंटी बायोटिक दवाइयां बनाने में होता है. फिलहाल सारी पैदावार अमेरिका में बेची जा रही है. एक किलोग्राम हॉप शूट्स की कीमत औसतन 82 हजार से एक लाख रुपए तक पहुंच जाती है.

बेटे और पिता ने कहा झूठी है खबर
हालांकि, जब मीडिया उनके गांव करमडीह तक पहुंचीं और हॉप शूट्स के बारे में जानकारी की गई तो उनके बेटे शुभम सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि हॉप शूट्स की खेती इस गांव में नहीं होती है. इस क्षेत्र के मानसून के अनुसार यहां इसकी खेती संभव ही नहीं है.

किसान अमरेश सिंह के बेटे शुभम ने बताया कि हॉप शूट्स की खेती यहां नहीं की गई है. यह खबर झूठी है. वहीं, अमरेश के पिता ने कहा कि उन्होंने कभी इस पौधे को नहीं देखा है, और न ही इसकी खेती यहां कभी हुई है.

कृषि अधिकारी और डीएम ने जानिए क्या कहा…
वहीं, हॉप शूट्स सब्जी के बारे में सुनकर कृषि अधिकारी भी इसे देखने गांव पहुंचे थे. तो वहां उन्हें पता चला कि यहां ऐसी कोई खेती नहीं की जाती. सहायक उद्यान निदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब उन्होंने पड़ताल की तो पता चला कि ऐसी कोई खेती औरंगाबाद में नहीं की गई है.

अमरेश ने मोबाइल पर बातचीत के दौरान नालंदा जिले में खेती की बात कही, लेकिन जगह के बारे में नहीं बताया. नालंदा जिले में भी पता किया गया, पर ऐसी कोई खेती नहीं मिल सकी. उद्यान निदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिला कृषि कार्यालय के अधिकारी इस पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं.

तो वहीं, औरंगाबाद के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि हॉप शूट्स की खेती के संबंध में पटना से कुछ अधिकारियों ने जानकारी ली है. यहां ऐसी कोई खेती नहीं की गई है.

हॉप शूट्स सब्जी आखिर क्यों है इतनी महंगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हॉप शूट्स के फूलों का उपयोग बीयर बनाने में किया जाता है. इससे कैंसर सहित कई गंभीर रोगों के इलाज में प्रयुक्‍त कई दवाएं भी बनाई जातीं हैं. इसकी टहनियों को खाया जाता है तथा इसका आचार भी बनता है.

हॉप शूट्स की खेती जर्मनी में शुरू की गई. यूरोपीय देशों में यह सबसे ज्यादा पैदा होती है. ब्रिटेन और जर्मनी में लोग इसके मुरीद हैं. इसका सबसे बड़ा खरीदार अमेरिका है.

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