PM मोदी ने किया उत्तराखंड में 521 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

Narendra Modi

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने नमामि गंगे (Namami Gange) के अंतर्गत उत्तराखंड में 521 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया. इन परियोजनाओं के शुरू होने से उत्तराखंड से अब प्रतिदिन 15.2 करोड़ लीटर दूषित पानी गंगा नदी में नहीं बहेगा. इस दौरान पीएम ने रोविंग डाउन द गंगेज (तवूपदह कवूद जीम हंदहमे) व ग्राम पंचायतों और पानी समितियों के लिए बनाइ्र गई मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया.

मंगलवार, 29 सितंबर को पीएम मोदी ने जगजीतपुर हरिद्वार में 230 करोड़ रूपए की लागत से बना 68 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, 20 करोड़ की लागत से बना 27 एमएलडी क्षमता का अपग्रेडेड एसटीपी, सराय हरिद्वार में 13 करोड़ की लागत से बना 18 एमएलडी क्षमता का अपग्रेडेड एसटीपी, चंडी घाट हरिद्वार में गंगा के संरक्षण और जैव विविधता को प्रदर्शित करता ‘गंगा संग्रहालय’, लक्कड़ घाट का वर्चुअल लोकार्पण किया.

साथ ही ऋषिकेश में 158 करोड़ की लागत से बना 26 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, चंदे्रश्वर नगरमुनि की रेती में 41 करोड़ की लागत से बना 7.5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, चोरपानी, मुनि की रेती में 39 करोड़ की लागत से बना 5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी और बद्रीनाथ में 19 करोड़ की लागत से बना 1.01 एमएलडी क्षमता का एसटीपी का भी लोकार्पण किया.

इस दौरान पीएम मोदी ने नई सोच व नई एप्रोच से नमामि गंगे में मिली सफलता के लिए उत्तराखंड वासियों को बधाई दी. साथ ही कहा, ‘मां गंगा हमारे सांस्कृतिक वैभव और आस्था से तो जुड़ी ही है, साथ ही लगभग आधी आबादी को आर्थिक रूप से समृद्ध भी करती है. नमामि गंगे मिशन, नई सोच और नई एप्रोच के साथ शुरू किया गया. यह देश का सबसे बडा नदी संरक्षण अभियान है. इसमें समन्वित रूप से काम किए गए.’

गंगा में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है, अगले 15 वर्षों की आवश्यकता के अनुसार एसटीपी की क्षमता रखी गई, गंगा के किनारे लगभग 100 शहरों और 5 हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है और गंगा की सहायक नदियों को भी प्रदूषण से मुक्त रखने का काम किया जा रहा है.

उत्तराखंड में 6 साल में सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता चार गुना हुई पीएम ने कहा कि उत्तराखंड में नमामि गंगे के अंतर्गत लगभग सभी प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं. राज्य में 6 साल में सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता को 4 गुना कर दिया गया है. लगभग सभी नालों को टैप कर दिया गया है. इनमें चंदे्रश्वर नाला भी शामिल है. यहां देश का पहला 4 मंजिला एसटीपी शुरू हो चुका है.

अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेले पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि श्रद्धालु गंगा की निर्मलता का अनुभव ले सके, इसलिए सैकड़ों घाटों का सौंदर्यीकरण किया गया है. साथ ही रिवर फ्रंट भी बनकर तैयार है. गंगा म्यूजियम से हरिद्वार आने वाले लोग गंगा से जुड़ी विरासत को समझ पाएंगे.

पीएम ने कहा कि पानी की महत्ता को माता-बहनों से अधिक कौन समझ सकता है. हमने जल से जुड़े मंत्रालयों को एक कर जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया. जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल से जल का लक्ष्य लिया गया है. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार एक कदम और आगे बढ़ी है. उन्होंने केवल एक रूपए में पानी का कनेक्शन देने का बीड़ा उठाया है. वर्ष 2022 तक हर घर नल से जल देने का लक्ष्य रखा गया है.

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