बसों में सफर करना उत्तराखंड में हुआ महंगा, पढ़ें कैबिनेट के फैसले

देहरादून: कैबिनेट की बैठक में प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अहम फैसले लिए हैं. कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते पस्त हो चुके परिवहन सेक्टर को सरकार ने राहत दी है. सरकार ने रोडवेज, निजी आपरेटर और सिटी बसों के किराए में दोगुनी बढ़ोतरी कर दी है.

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया. सरकार ने बस ऑपरेटरों की डिमांड को पूरी करते हुए किराए की दरों को बढ़ाया है. इसमें शहरों में चलने वाली सिटी बसों का किराया दोगुना किया गया है और राज्य से बाहर और राज्य के भीतर चलने वाली निजी बसें और परिवहन निगम की बसों का किराया चार श्रेणियों में बढ़ाया गया है.

इसके साथ ही सरकार ने फेरी, ठेली के जरिए कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित रोजगार योजना में दो प्रतिशत ब्याज सब्सिड़ी देने का निर्णय किया है. वहीं, 20 हजार युवाओं को मोटर टैक्सी योजना के लिए सहकारी बैंक के मार्फत 60 हजार रुपए लोन देने और पहले दो साल का ब्याज खुद अदा करने का निर्णय भी किया है.

कैबिनेट के अहम फैसले:
– राज्य सरकारी एवं सार्वजनिक चीनी मिलों के लिए बाजपुर में बनेगा पीपीपी मोड में एथनौल प्लांट
– आपदा प्रबंधन अधिनियम की गाइड लाइन संशोधित, छोटे पुल पेयजल लाईन, चैक डेम, स्कूल भवन, सिंचाई नहर सुरक्षात्मक कार्य भी होंगे
– उत्तराखण्ड मोबाईल टॉवर नियमावली संशोधित, किराया 500 रुपये से घटाकर शहर में 100 और गांवो में 50 रुपये किया
– उत्तराखंड नर्स भर्ती नियमावली को मंजूरी
– एग्रीग्रेट पॉलिसी को मंजूरी, ओला-उबेर की तर्ज पर बन सकेंगी एजेसियां, यात्री की सुरक्षा और लाइसेंस की शर्त भी तय

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