बीजेपी-कांग्रेस को छोड़ बुलंदशहर विस उप-चुनाव में सभी प्रत्याशियों के नाम तय

Bulandshahr

Bulandshahr News. बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की आठ रिक्त सीटों पर उप-चुनाव करने का ऐलान भारत निर्वाचन आयोग ने किया है. उप-चुनाव के ऐलान के साथ ही प्रदेश में सियासी पारा चढ़ने लगा है. तो वहीं, इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी अपनी किस्मत आजमाएगी.

उप-चुनाव के ऐलान के साथ ही हाल ही में बनी चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) भी मैदान में उतर चुकी है. तो वहीं, पिछले काफी समय से हाशिए पर चल रही कांग्रेस पार्टी में जान फूंकने के लिए प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कैंडिडेट तलाश के लिए हर सीट पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है.

अगर बात Bulandshahr (सदर) विधानसभा सीट की करें तो यह सीट बीजेपी के कब्जे वाली है. हालांकि, यह सीट वीरेंद्र सिंह सिरोही के निधन के बाद रिक्त हो गई थीं. Bulandshahr सदर सीट पर अब उप-चुनाव होना है, इसके लिए प्रशासन स्तर से भी तैयारी शुरू हो गई है.

वहीं, इस सीट पर अपना-अपना परचम लहराने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bulandshahr (सदर) सीट पर कांग्रेस और बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशी तय कर दिए है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bulandshahr (सदर) सीट पर होने वाले विधानसभा उप-चुनाव में समाजवादी पार्टी-आरएलडी के संयुक्त प्रत्याशी के लिए अजित सिंह के नुमाइंदे और बुलंदशहर के प्रभारी प्रदेश महामंत्री संगठन डॉक्टर राजकुमार सांगवान की दावेदारी परखी है. हालांकि, 8 लोगों ने आवेदन किया, जिसमें से किसी एक पर पार्टी जल्द ही मुहर लगाएगी.

वहीं, बीजेपी और कांग्रेस की तरफ से जाट समाज का कैंडिडेट लगभग तय है. बीएसपी से पूर्व विधायक हाजी अलीम के भाई युनुस और आजाद समाज पार्टी से मीट कारोबारी हाजी यामीन को हरी झंडी पक्की मानी जा रही है, इसलिए एसपी-आरएलडी को अब जातीय समीकरण को देखते हुए नाम फाइनल करना होगा.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में रिक्त हुई आठ विधानसभा सीटों में फिरोजाबाद जिले की टुण्डला, उन्नाव में बांगरमऊ, रामपुर में स्वार, बुलंदशहर जिले में बुलंदशहर सदर, जौनपुर में मल्हनी, कानपुर नगर में घाटमपुर और अमरोहा में नौगावां सादात और देवरिया मे देवरिया सदर सीट शामिल हैं.

इनमें पांच विधानसभा सीट विधायकों के निधन से रिक्त हुई हैं. तो वहीं, दो विधायकों की सदस्यता खत्म हो गई है. तीसरी सीट पर मामला कोर्ट मे होने के कारण समय पर उपचुनाव नहीं हो पाया था.

बता दें, 2017 के चुनावों में छह सीटों पर भाजपा ने, तो दो पर सपा ने जीत हासिल की थी. फिलहाल की परिस्थियों को देखते हुए ये सीटें विधानसभा में पक्ष व विपक्ष की संख्या ही नहीं बढ़ाएंगे. बल्कि प्रदेश में बह रही सियासी बयार का रुख भी बताएंगे.

ये भी पढ़ें:- Bulandshahr: सीएम Yogi ने जाना विकास योजनाओं का हाल

VOI News पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक, टेलीग्राम और ट्विटर पर फॉलो करें.