कोरोना: बरेली में मजदूरों को सड़क पर बैठाया, फिर किया सैनिटाइज

बरेली: कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा देश पर मंडरा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर संवेदनहीनता से जुड़ी खबरें भी खूब देखने और सुनने को मिल रही हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है. यहां प्रशासनिक अफसरों के एक अमानवीय रवैये का वीडियो सामने आया है. दरअसल,बरेली जिले में दूसरे जिलों से आए कुछ प्रवासी श्रमिकों पर सैनिटाइज करने का अनोखा तरीका ईजाद किया है. सभी को जमीन पर बैठाकर उनको डिसइंफेक्ट किया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक, प्रशासन का यह अमानवीय चेहरा बरेली जिले में देखने को मिला. जहां दिल्ली, हरियाणा, नोएडा से आए सैकड़ों मजदूरों, महिलाओं और छोटे बच्चों को जमीन पर बैठाकर उनके ऊपर डिसइंफेक्ट दवाई का छिड़काव किया गया. जिसके बाद बहुत सारे बच्चों ने अपनी आंखों में जलन की शिकायत की. इनके ऊपर डिसइंफेक्ट का छिड़काव कर इन्हें अपने घर भेज दिया गया. आंखों में जलन की शिकायत के बावजूद किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया.

ऐसा उस वक्त किया, जब बरेली और नोएडा में कोरोना का पॉजिटिव केस मिला. स्थानीय प्रशासन को इस बात का शक था कि यह मजदूर भी कोरोना के वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. ऐसे में शहर की सीमा पर ही सभी को सड़क पर बैठाकर इनपर केमिकल छिड़ककर इन्हें कथित रूप से सैनिटाइज किया गया. हालांकि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन का बयान सामने आया है.

बरेली जिले के जिलाधिकारी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘इस वीडियो की पड़ताल की गई, प्रभावित लोगों का सीएमओ के निर्देशन में उपचार किया जा रहा है. बरेली नगर निगम एवं फायर ब्रिगेड की टीम को बसों को सैनेटाइज़ करने के निर्देश थे, पर अति सक्रियता के चलते उन्होंने ऐसा कर दिया. सम्बंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.’ वहीं, दूसरी तरफ इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रिंयका गांधी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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